दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016
अध्याय -17
प्रकीर्ण (Miscellaneous)
96. अन्य विधियों का लागू होना, वर्जित न होना इस अधिनियम के उपबंध, तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के उपबंधों के अतिरिक्त होंगे न कि अल्पीकरण में ।
97. सद्भावपूर्वक की गई कार्रवाई के लिए संरक्षण –
इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए नियमों के अधीन सद्भावपूर्वक की गई या की जाने के लिए आशयित किसी बात के लिए कोई वाद, अभियोजन या अन्य विधिक कार्यवाही समुचित सरकार या समुचित सरकार के किसी अधिकारी या मुख्य आयुक्त या राज्य आयुक्त के किसी अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध नहीं होगी ।
98. कठिनाइयां दूर करने की शक्ति
(1) यदि इस अधिनियम के उपबंधों को प्रभावी करने में कोई कठिनाई उत्पन्न होती है, तो केन्द्रीय सरकार राजपत्र में प्रकाशित आदेश द्वारा ऐसे उपबंध कर सकेगी या ऐसे निदेश दे सकेगी जो कठिनाई दूर करने के लिए आवश्यक या समीचीन प्रतीत हों, जो इस अधिनियम के उपबंधों से असंगत न हो:
परंतु इस धारा के अधीन ऐसा कोई आदेश इस अधिनियम के प्रारंभ होने की तारीख से दो वर्ष की अवधि की समाप्ति के पश्चात् नहीं किया जाएगा।
(2) इस धारा के अधीन किया गया प्रत्येक आदेश. इसके किए जाने के पश्चात् यथाशीघ्र संसद् के प्रत्येक सदन के समक्ष रखा जाएगा।
99. अनुसूची का संशोधन करने की शक्ति
(1) समुचित सरकार द्वारा की गई सिफारिशों पर या अन्यथा यदि केन्द्रीय सरकार का यह समाधान हो जाता है कि ऐसा करना आवश्यक या समीचीन है, तो वह अधिसूचना द्वारा अनुसूची का संशोधन कर सकेगी और ऐसी अधिसूचना के जारी किए जाने पर अनुसूची तद्नुसार संशोधित की गई समझी जाएगी।
(2) प्रत्येक ऐसी अधिसूचना इसके जारी किए जाने के पश्चात् यथाशीघ्र संसद् के प्रत्येक सदन के समक्ष रखी जाएगी।
100. केन्द्रीय सरकार की नियम बनाने की शक्ति
(1) केन्द्रीय सरकार, पूर्व प्रकाशन की शर्त के अध्यधीन अधिसूचना द्वारा इस अधिनियम के उपबंधों के क्रियान्वयन के लिए नियम बना सकेगी।
(2) विशिष्टतया और पूर्वगामी शक्तियों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना ऐसे नियम, निम्नलिखित विषयों में से सभी या किसी विषय के लिए उपबंध कर सकेंगे, अर्थात्:
(क) धारा 6 की उपधारा (2) के अधीन दिव्यांगता अनुसंधान समिति के गठन की रीति;
(ख) धारा 21 की उपधारा (1) के अधीन समान अवसर नीति अधिसूचित करने की रीतिः
(ग) धारा 22 की उपधारा (1) के अधीन प्रत्येक स्थापन द्वारा अभिलेखों के अनुरक्षण का प्ररूप और रीति:
(घ) धारा 23 की उपधारा (3) के अधीन शिकायत अनुतोष अधिकारी द्वारा शिकायतों के रजिस्टर के अनुरक्षण की रीतिः
(ङ) धारा 36 के अधीन विशेष रोजगार कार्यालय के लिए स्थापन द्वारा जानकारी और विवरणी प्रस्तुत करने की रीति:
(च) धारा 38 की उपधारा (2) के अधीन निर्धारण बोर्ड की संरचना और उपधारा (3) के अधीन निर्धारण बोर्ड द्वारा किए जाने वाले निर्धारण की रीतिः
(छ) धारा 40 के अधीन दिव्यांगजनों की पहुंच के लिए मानक अधिकथित करने के लिए नियम;
(ज) धारा 58 की उपधारा (1) के अधीन दिव्यांगता प्रमाणपत्र के जारी किए जाने के लिए आवेदन की रीति और उपधारा (2) के अधीन दिव्यांगता के प्रमाणपत्र का प्ररूपः
(झ) धारा 61 की उपधारा (6) के अधीन केंद्रीय सलाहकार बोर्ड के नामनिर्दिष्ट सदस्यों को संदत्त किए जाने वाले भत्ते:
(ञ) धारा 64 के अधीन केंद्रीय सलाहकार बोर्ड की बैठकों में कारबार के संव्यवहार के लिए प्रक्रिया के नियमः (ट) धारा 73 की उपधारा (4) के अधीन मुख्य आयुक्त और आयुक्तों के वेतन और भत्ते तथा सेवा की अन्य शर्तें: (ठ) धारा 74 की उपधारा (7) के अधीन मुख्य आयुक्त के अधिकारियों और कर्मचारिवृंद के वेतन और भत्ते और सेवा की शर्तें:
(ड) धारा 74 की उपधारा (8) के अधीन सलाहकार समिति की संरचना और विशेषज्ञों की नियुक्ति की रीतिः (इ) धारा 78 की उपधारा (3) के अधीन मुख्य आयुक्त द्वारा तैयार की जाने वाली और प्रस्तुत की जाने वाली वार्षिक रिपोर्ट का प्ररूप, रीति और अंतर्वस्तुः
(ण) धारा 86 की उपधारा (2) के अधीन प्रक्रिया. निधि का उपयोग और प्रबंध की, रीतिः
(त) धारा 87 की उपधारा (1) के अधीन निधि के लेखाओं की तैयारी के लिए प्ररूप।
(3) इस अधिनियम के अधीन बनाया गया प्रत्येक नियम, बनाए जाने के पश्चात् यथाशीघ्र, संसद् के प्रत्येक सदन के समक्ष, जब वह सत्र में हो, कुल तीस दिन की अवधि के लिए रखा जाएगा। यह अवधि एक सत्र में अथवा दो या अधिक आनुक्रमिक सत्रों में पूरी हो सकेगी। यदि उस सत्र या पूर्वोक्त आनुक्रमिक सत्रों के ठीक बाद के सत्र के अवसान के पूर्व दोनों सदन उस नियम में कोई परिवर्तन करने के लिए सहमत हो जाएं तो तत्पश्चात् वह ऐसे परिवर्तित रूप में ही प्रभावी होगा। यदि उक्त अवसान के पूर्व दोनों सदन सहमत हो जाएं कि वह नियम नहीं बनाया जाना चाहिए तो तत्पश्चात् वह निष्प्रभाव हो जाएगा। किंतु नियम के ऐसे परिवर्तित या निष्प्रभाव होने से उसके अधीन पहले की गई किसी बात की विधिमान्यता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा
101. राज्य सरकार की नियम बनाने की शक्ति
(1) राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा पूर्व प्रकाशन की शर्त के अध्यधीन इस अधिनियम के प्रारंभ की तारीख से छह मास से अनधिक की अवधि के अपश्चात् इस अधिनियम के उपबंधों को कार्यान्वित करने के लिए नियम बना सकेगी।
(2) विशिष्टया और पूर्वगामी शक्तियों की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना ऐसे नियम निम्नलिखित सभी विषयों या किसी विषय के लिए उपबंध कर सकेंगे. अर्थात्ः –
(क) धारा 5 की उपधारा (2) के अधीन दिव्यांगता अनुसंधान के लिए समिति के गठन की रीति; (ख) धारा 14 की उपधारा (1) के अधीन किसी सीमित संरक्षक की सहायता उपलब्ध कराने की रीति; (ग) धारा 51 की उपधारा (1) के अधीन रजिस्ट्रीकरण के प्रमाणपत्र के लिए किसी आवेदन को करने का प्ररूप और रीतिः
(घ) धारा 51 की उपधारा (3) के अधीन रजिस्ट्रीकरण के प्रमाणपत्र की मंजूरी के लिए संस्थान द्वारा दी जाने वाली सुविधाएं और पूरे किए जाने वाले मानक:
(ङ) धारा 51 की उपधारा (4) के अधीन रजिस्ट्रीकरण के प्रमाणपत्र की विधिमान्यता, रजिस्ट्रीकरण के प्रमाणपत्र से संलग्न प्ररूप और शर्तें:
(च) धारा 51 की उपधारा (7) के अधीन रजिस्ट्रीकरण के प्रमाणपत्र के लिए आवेदन के निपटान की अवधि:
(छ) वह अवधि जिसके भीतर धारा 53 की उपधारा (1) के अधीन अपील की जाएगी:
(ज) धारा 59 की उपधारा (1) के अधीन प्रमाणकर्ता प्राधिकारी के आदेश के विरुद्ध अपील का समय और रीति और उपधारा (2) के अधीन ऐसी अपील के निपटान की रीति:
(झ) धारा 67 की उपधारा (6) के अधीन राज्य सलाहकार बोर्ड के नामनिर्दिष्ट सदस्यों को संदत्त किए जाने वाले भत्तेः
(ब) धारा 70 के अधीन राज्य सलाहकार बोर्ड की बैठकों में कारवार के संव्यवहार के लिए प्रक्रिया के नियम:
(ञ) धारा 70 के अधीन राज्य सलाहकार बोर्ड की बैठकों में कारबार के संव्यवहार के लिए प्रक्रिया के नियम;
(ट) धारा 72 के अधीन जिला स्तर समिति की संरचना और कृत्य;
(ठ) धारा 79 की उपधारा (3) के अधीन राज्य आयुक्त का वेतन, भत्ते तथा सेवा की अन्य शर्तें:
(ड) धारा 79 की उपधारा (3) के अधीन राज्य आयुक्त के अधिकारियों और कर्मचारिवृंद के वेतन, भत्ते तथा सेवा की शर्तें:
(ढ) धारा 79 की उपधारा (7) के अधीन सलाहकार समिति की संरचना और विशेषज्ञों की नियुक्ति की रीति: (ण) धारा 83 की उपधारा (3) के अधीन राज्य आयुक्त द्वारा तैयार की जाने वाली और प्रस्तुत की जाने वाली वार्षिक और विशेष रिपोर्टों का प्ररूप, रीति और अंतर्वस्तुः
(त) धारा 85 की उपधारा (2) के अधीन विशेष लोक अभियोजक को संदत्त की जाने वाली फीस या पारिश्रमिकः
(थ) धारा 88 की उपधारा (1) के अधीन दिव्यांगजनों के लिए राज्य निधि के गठन की रीति और उपधारा (2) के अधीन राज्य निधि के उपयोग और प्रबंध की रीतिः
(द) धारा 88 की (3) के अधीन दिव्यांगजनों के लिए राज्य निधि के खातों को तैयार करने के लिए प्ररूप ।
(3) इस अधिनियम के अधीन राज्य सरकार द्वारा बनाया गया प्रत्येक नियम इसके बनाए जाने के पश्चात् यथाशीघ्र राज्य विधान-मंडल के समक्ष जहां दो सदन हैं. वहां प्रत्येक सदन के समक्ष और जहां राज्य विधान-मंडल का एक सदन है. उस सदन के समक्ष रखा जाएगा।
102. निरसन और व्यावृत्ति (1) निःशक्त व्यक्ति (समान अवसर, अधिकार संरक्षण और पूर्ण भागीदारी) अधिनियम, 1995 (1996 का 1) इसके द्वारा निरसित जाता है।
अनुसूची
(2) उक्त अधिनियम के ऐसे निरसन के होते हुए भी, उक्त अधिनियम के अधीन की गई कोई बात या की गई कोई कार्रवाई इस अधिनियम के तत्स्थानी उपबंधों के अधीन की गई समझी जाएगी।
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