Assessment – Strategies and Practices

Table of Contents

मूल्यांकन की रणनीतियाँ और व्यवहारिक पक्ष

🌿 भूमिका (Introduction)

शिक्षा की प्रक्रिया में मूल्यांकन (Assessment) केवल अंक या ग्रेड देने का साधन नहीं है — यह सीखने और सिखाने की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की एक सतत प्रक्रिया है।
हर छात्र अलग तरीके से सीखता है, इसलिए हर छात्र का मूल्यांकन भी अलग दृष्टिकोण से होना चाहिए।

👉 इस यूनिट में हम जानेंगे कि मूल्यांकन को किस प्रकार विविध रणनीतियों (Strategies), तकनीकों (Techniques) और सुधारात्मक उपायों (Reforms) के माध्यम से प्रभावी बनाया जा सकता है।


🟡 5.1 Strategies and Innovative Measures (मूल्यांकन की रणनीतियाँ और नवीन विधियाँ)

📘 1. Oral Test (मौखिक परीक्षा):

छात्र की भाषा, उच्चारण, और तात्कालिक उत्तर देने की क्षमता का मूल्यांकन।
📌 उदाहरण: विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए मौखिक प्रश्न पूछना अधिक उचित है।


📘 2. Written Test (लिखित परीक्षा):

सबसे सामान्य विधि। इसमें विचारों की स्पष्टता और लेखन कौशल का मूल्यांकन होता है।
📌 उदाहरण: छोटे, लंबे उत्तर या निबंध प्रश्न।


📘 3. Portfolio Assessment:

छात्र के कार्यों (Assignments, Drawings, Notes) का संग्रह जो समय के साथ उसकी प्रगति को दर्शाता है।
📌 उदाहरण: Inclusive class में बच्चे का Portfolio — चित्र, कविता, वर्कशीट्स आदि।


📘 4. Observation (अवलोकन):

शिक्षक कक्षा में छात्रों के व्यवहार, सहभागिता और सहयोग का अवलोकन करता है।
📌 उदाहरण: समूह कार्य में बच्चे की भूमिका को देखना।


📘 5. Project Work:

छात्र किसी विषय पर अनुसंधान, सर्वेक्षण या रचनात्मक कार्य करता है।
📌 उदाहरण: “पर्यावरण संरक्षण” पर प्रोजेक्ट फाइल बनाना।


📘 6. Presentation:

बच्चा अपनी सोच को मौखिक या विजुअल माध्यम से प्रस्तुत करता है।
📌 उदाहरण: PowerPoint या Chart के माध्यम से विषय समझाना।


📘 7. Group Discussion:

टीम वर्क, विचार अभिव्यक्ति और सुनने की क्षमता का मूल्यांकन।
📌 उदाहरण: “Inclusive Education के लाभ” पर समूह चर्चा।


📘 8. Open Book Test:

यह परीक्षा छात्र की समझ और विश्लेषण क्षमता को परखती है, रटने की नहीं।
📌 उदाहरण: NCF और NEP 2020 में इसका सुझाव दिया गया है।


📘 9. Surprise Test:

छात्र की तैयारी और सतत अध्ययन की आदत जानने के लिए।
📌 उदाहरण: बिना सूचना के छोटी परीक्षा।


📘 10. Untimed Test:

विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए समय सीमा के बिना परीक्षा।
📌 उदाहरण: दृष्टिबाधित या ADHD वाले छात्रों को अतिरिक्त समय।


📘 11. Team Test:

समूह में परीक्षा, जिससे सहयोग और नेतृत्व कौशल का मूल्यांकन होता है।
📌 उदाहरण: Pair Work में गणित के प्रश्न हल कराना।


📘 12. Cloze / Open Set Test:

रिक्त स्थान भरने या खुले प्रश्न आधारित परीक्षा।
📌 उदाहरण: भाषा शिक्षण में प्रयोग — “The cat ___ on the wall.”


📘 13. Record of Learning Landmarks:

छात्र की प्रमुख उपलब्धियों का रिकॉर्ड रखना।
📌 उदाहरण: व्यवहारिक सुधार, रचनात्मक उपलब्धियाँ, प्रगति चार्ट।


🟡 5.2 Typology and Levels of Assessment Items

(प्रश्नों के प्रकार और स्तर)

📖 Types of Questions:

प्रकारउदाहरणउपयोग
Multiple Choice (बहुविकल्पी)चार विकल्पों में एक सही उत्तरत्वरित आकलन
Open Ended (खुले प्रश्न)“आपके विचार में…”रचनात्मकता जाँचना
Close Ended (बंद प्रश्न)हाँ/ना या सत्य/असत्यत्वरित जाँच
Direct Questionsतथ्य आधारितस्मृति जाँच
Indirect Questionsविश्लेषणात्मकसमझ
Inferential Questionsतर्क और व्याख्याउच्च स्तरीय सोच

🧠 Assessment Levels (Bloom’s Taxonomy):

  1. Knowledge — जानकारी याद रखना
  2. Comprehension — अर्थ समझना
  3. Application — ज्ञान का उपयोग करना
  4. Analysis — तत्वों का विश्लेषण
  5. Synthesis — नए विचार बनाना
  6. Evaluation — निर्णय लेना

📌 उदाहरण:

  • “Define motivation.” → Knowledge
  • “Explain Maslow’s theory.” → Comprehension
  • “Apply the theory in classroom situation.” → Application

🟡 5.3 Analysis, Reporting, Interpretation, Documentation, Feedback and Pedagogic Decisions

📘 1. Analysis (विश्लेषण):

परीक्षा परिणाम का विश्लेषण कर यह देखना कि कौन-से क्षेत्र मजबूत या कमजोर हैं।

📘 2. Reporting (रिपोर्टिंग):

छात्र की प्रगति रिपोर्ट माता-पिता और स्कूल प्रशासन को देना।

📘 3. Interpretation (व्याख्या):

अंकों या ग्रेड के पीछे का वास्तविक अर्थ बताना — “अंक” से अधिक “सीखने” पर ध्यान।

📘 4. Documentation (दस्तावेजीकरण):

सभी मूल्यांकन रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना (पोर्टफोलियो, रिपोर्ट कार्ड, IEP)।

📘 5. Feedback (प्रतिक्रिया):

छात्र को सुधार के सुझाव देना।
📌 उदाहरण: “अगली बार उत्तर को उदाहरण सहित लिखो।”

📘 6. Pedagogic Decisions (शैक्षिक निर्णय):

शिक्षक मूल्यांकन के आधार पर अगली शिक्षण रणनीति तय करता है।
📌 उदाहरण: अगर 70% छात्रों को समझ नहीं आया तो पुनः समझाना।


🟡 5.4 Assessment of Learners with Diverse Learning Needs

(विविध शिक्षार्थियों का मूल्यांकन)

📘 Exemptions (छूट):

कुछ विषयों या प्रश्नों से छूट।
📌 उदाहरण: दृष्टिबाधित छात्रों को आरेख नहीं बनाना।

📘 Concessions (रियायतें):

अतिरिक्त समय, सरल प्रश्नपत्र, स्क्राइब की सुविधा।

📘 Adaptations (अनुकूलन):

प्रश्नपत्र, उत्तर प्रारूप या माध्यम को अनुकूल बनाना।

📘 Accommodations (सुविधाएँ):

Braille, Sign Language, Audio Materials, Easy Language Format।

📌 उदाहरण:
RPwD Act 2016 और RTE Act 2009 के तहत ये सभी सुविधाएँ अनिवार्य हैं।


🟡 5.5 School Examinations: Critical Review and Reforms

(विद्यालय परीक्षा प्रणाली: आलोचनात्मक दृष्टि और सुधार)

🧩 Critical Review:

  • केवल अंकों पर आधारित प्रणाली बच्चों पर दबाव बढ़ाती है।
  • रटना (rote learning) को बढ़ावा देती है।
  • सृजनात्मकता और सोचने की क्षमता कम करती है।

📘 Reform Efforts:

  1. CCE (Continuous and Comprehensive Evaluation):
    • निरंतर और समग्र मूल्यांकन प्रणाली।
    • जीवन कौशल, दृष्टिकोण, सामाजिक व्यवहार भी शामिल।
  2. NCF (2005 & 2023):
    • सीखने को आनंददायक बनाना, परीक्षा को कम तनावपूर्ण बनाना।
  3. RTE Act (2009):
    • “No Detention Policy” – हर बच्चे को सीखने का अवसर देना।
  4. NEP (2020):
    • 360° Report Card, Self & Peer Evaluation, Multi-Modal Assessment।
  5. RPwD Act (2016):
    • दिव्यांग बच्चों के लिए वैकल्पिक मूल्यांकन और प्रमाणन का अधिकार।

📌 निष्कर्ष (Conclusion)

👉 मूल्यांकन केवल यह नहीं देखता कि बच्चा कितना जानता है, बल्कि यह भी कि वह कैसे सोचता और समझता है।
👉 समावेशी शिक्षा में, हर बच्चे के लिए मूल्यांकन को लचीला, अनुकूल और सहयोगी बनाना ही सच्चा मूल्यांकन है।
👉 एक संवेदनशील शिक्षक वह होता है जो मूल्यांकन को दंड नहीं बल्कि अवसर बनाता है।


📚 महत्वपूर्ण परीक्षा प्रश्न (Important Questions)

  1. मूल्यांकन की विभिन्न रणनीतियों का वर्णन कीजिए।
  2. प्रश्नों के प्रकार और स्तरों को उदाहरण सहित समझाइए।
  3. विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए मूल्यांकन में अनुकूलन के उपाय बताइए।
  4. विद्यालय परीक्षा प्रणाली की वर्तमान स्थिति और सुधारों पर चर्चा कीजिए।
  5. Feedback और Pedagogic Decisions की भूमिका समझाइए।

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