CTET: अधिगम और शिक्षाशास्त्र (Learning & Pedagogy) Complete Notes in Hindi

CTET पेडागोजी मास्टर क्लास: बच्चे कैसे सीखते हैं? (Learning & Pedagogy)

विषय: अधिगम और शिक्षाशास्त्र (Learning and Pedagogy)

महत्व: 10 से 12 प्रश्न (Paper 1 & 2)

प्रस्तावना: पेडागोजी का मूल मंत्र

​CTET में ‘शिक्षाशास्त्र’ (Pedagogy) रटने का विषय नहीं है। यह एक नज़रिया (Perspective) है। आपको यह सोचना है कि अगर आप एक आदर्श शिक्षक होते, तो कक्षा में आने वाली समस्याओं को कैसे सुलझाते?

​इस गाइड में हम उन 7 प्रमुख स्तंभों पर चर्चा करेंगे जो CTET के सिलेबस का हिस्सा हैं।

1: बच्चे कैसे सोचते और सीखते हैं? (How Children Think and Learn)

​पुराने समय में माना जाता था कि बच्चे “कोरी स्लेट” (Tabula Rasa) होते हैं, जिस पर शिक्षक कुछ भी लिख सकता है। लेकिन आधुनिक मनोविज्ञान (NCF 2005) इसे नकारता है।

1.1. सक्रिय निर्माता (Active Constructors of Knowledge)

​बच्चे निष्क्रिय श्रोता (Passive Listeners) नहीं हैं। वे अपने वातावरण के साथ अंतःक्रिया (Interaction) करके ज्ञान का निर्माण करते हैं।

वास्तविक उदाहरण:

अगर आप बच्चों को ‘पौधों के अंगों’ के बारे में पढ़ाना चाहते हैं:

  • पुराना तरीका: ब्लैकबोर्ड पर चित्र बनाना और रटाना।
  • सीखने का सही तरीका: बच्चों को बगीचे में ले जाना, उन्हें असली पौधा छूने देना और उनसे पूछना—”जड़ें मिट्टी के नीचे क्यों होती हैं?” जब बच्चा खुद तर्क लगाता है, तो वह ज्ञान का निर्माण कर रहा होता है।

1.2. पूर्व ज्ञान (Previous Knowledge)

​बच्चा जब स्कूल आता है, तो उसका दिमाग खाली नहीं होता। उसके पास अपने परिवार, पास-पड़ोस और अनुभवों का एक खजाना होता है।

  • पेडागोजी टिप: नए पाठ को हमेशा बच्चे के पुराने अनुभव से जोड़ें।
  • उदाहरण: ‘जल चक्र’ (Water Cycle) पढ़ाने से पहले बच्चों से पूछें—”गीले कपड़े सूखने पर पानी कहाँ चला जाता है?”

2: शिक्षण-अधिगम की मूल प्रक्रियाएं (Basic Processes of Teaching and Learning)

​शिक्षण केवल भाषण देना (Lecturing) नहीं है। यह सीखने को आसान बनाना (Facilitation) है।

2.1. सीखने की रणनीतियाँ (Strategies of Learning)

  1. करके सीखना (Learning by Doing): यह सबसे प्रभावशाली तरीका है। जब हाथ और दिमाग साथ चलते हैं, तो सीखना स्थायी होता है।
    • उदाहरण: विज्ञान में केवल परिभाषा रटने के बजाय, चुंबक (Magnet) हाथ में लेकर यह देखना कि वह लोहे को कैसे खींचता है।
  2. अवलोकन द्वारा सीखना (Observational Learning): अल्बर्ट बंडूरा के अनुसार, बच्चे दूसरों को देखकर सीखते हैं।
    • उदाहरण: अगर शिक्षक कक्षा में कचरा डस्टबिन में डालता है, तो बच्चे उसे देखकर सफाई का महत्व सीखते हैं।
  3. सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning): वायगोत्स्की के अनुसार, बच्चे समूह (Group) में सबसे अच्छा सीखते हैं।
    • Peer Tutoring (सहपाठी शिक्षण): जब होशियार बच्चा कमजोर बच्चे की मदद करता है, तो दोनों का फायदा होता है।

2.2. शिक्षक की भूमिका (Role of Teacher)

​NCF 2005 के अनुसार, शिक्षक एक सुविधादाता (Facilitator) है।

  • ​शिक्षक का काम ज्ञान ठूंसना नहीं, बल्कि ऐसा माहौल बनाना है जहाँ बच्चा खुद सीख सके।
  • ​शिक्षक एक ‘माली’ की तरह है जो पौधे को पानी और खाद देता है, लेकिन पौधा अपनी प्रकृति से खुद बढ़ता है।

3: बच्चा एक समस्या समाधानकर्ता और वैज्ञानिक अन्वेषक के रूप में

(Child as a Problem Solver and Scientific Investigator)

​यह टॉपिक बहुत महत्वपूर्ण है। हमें बच्चों को केवल उत्तर रटने वाला नहीं, बल्कि उत्तर खोजने वाला बनाना है।

3.1. नन्हा वैज्ञानिक (The Little Scientist)

​पियाजे ने कहा था कि बच्चे स्वभाव से जिज्ञासु होते हैं। वे हर चीज़ के पीछे का ‘क्यों’ और ‘कैसे’ जानना चाहते हैं।

उदाहरण:

एक बच्चा अपनी खिलौना कार को तोड़कर देखता है। माता-पिता को लगता है कि वह शैतानी कर रहा है, लेकिन असल में वह एक वैज्ञानिक अन्वेषण कर रहा है—यह जानने के लिए कि कार अंदर से कैसे काम करती है।

शिक्षक का कर्तव्य: इस जिज्ञासा को दबाएं नहीं, बल्कि उसे सही दिशा दें। उसे कार को वापस जोड़ने की चुनौती दें।

3.2. समस्या समाधान (Problem Solving) के चरण

​कक्षा में समस्या समाधान विधि (Problem Solving Method) का प्रयोग कैसे करें?

  1. समस्या की पहचान: “हमारे स्कूल के नल से पानी क्यों टपक रहा है?”
  2. परिकल्पना (Hypothesis): “शायद वॉशर खराब है” या “शायद नल ठीक से बंद नहीं हुआ।”
  3. परीक्षण (Testing): बच्चों को जाकर जांचने दें।
  4. निष्कर्ष (Conclusion): “वॉशर खराब था, इसे बदलना होगा।”

4: बच्चों की वैकल्पिक अवधारणाएं और त्रुटियां (Alternative Conceptions and Errors)

​यह CTET का सबसे पसंदीदा टॉपिक है। बच्चे अक्सर “गलत” धारणाएं बना लेते हैं, जिन्हें वैकल्पिक अवधारणाएं (Naïve Theories) कहते हैं।

4.1. भ्रांतियां (Misconceptions)

​बच्चे अपने अनुभवों से दुनिया को समझते हैं, जो कभी-कभी वैज्ञानिक रूप से गलत होता है, लेकिन उनके तर्क के हिसाब से सही होता है।

क्लास का उदाहरण:

  • बच्चे की सोच: “जब मैं चलता हूँ, तो चाँद भी मेरे साथ चलता है।” या “सूरज पृथ्वी का चक्कर लगाता है क्योंकि सुबह यहाँ होता है और शाम को वहाँ।”
  • शिक्षक की प्रतिक्रिया: क्या आप बच्चे को डांटेंगे? “पागल हो क्या? पृथ्वी घूमती है!”
  • सही तरीका: नहीं। आप उसकी सोच का सम्मान करेंगे और प्रयोग या मॉडल (Globe) के जरिए उसे सही अवधारणा (Scientific Concept) तक ले जाएंगे। इसे “Conceptual Change” कहते हैं।

4.2. त्रुटियां (Errors)

​याद रखें: “त्रुटियां सीखने का अभिन्न अंग हैं।”

  • ​गलतियां यह बताती हैं कि बच्चे का दिमाग कैसे काम कर रहा है।
  • ​गलतियां शिक्षकों के लिए खिड़की (Window) के समान हैं जिससे वे बच्चे की सोच में झांक सकते हैं।
  • समाधान: बच्चे की गलती को तुरंत लाल पेन से काटने के बजाय, उसे संकेत (Hint) दें ताकि वह खुद गलती सुधारे।

5: संज्ञान और संवेग (Cognition and Emotion)

​क्या दिमाग (Brain) और दिल (Heart) अलग-अलग काम करते हैं? पेडागोजी कहती है—नहीं।

5.1. गहरा संबंध (Interrelationship)

​संज्ञान (सोचना, तर्क, याद रखना) और संवेग (डर, खुशी, गुस्सा) एक-दूसरे से जुड़े हुए (Interwoven) हैं।

उदाहरण:

  • Scenario A: एक बच्चा बहुत डरा हुआ है क्योंकि उसके घर में झगड़ा हुआ है। क्या वह क्लास में गणित के सवाल हल कर पाएगा? नहीं। उसका संवेग (डर) उसके संज्ञान (सोचने की क्षमता) को ब्लॉक कर देगा।
  • Scenario B: एक बच्चा बहुत खुश है और उसे क्लास में सुरक्षित महसूस होता है। वह कठिन सवाल भी आसानी से सीख लेगा।

5.2. निहितार्थ (Implication)

​शिक्षक को कक्षा का माहौल भयमुक्त (Fear-free) बनाना चाहिए। अगर बच्चा प्रश्न पूछने में डरता है, तो अधिगम (Learning) संभव नहीं है।

6: अभिप्रेरणा और अधिगम (Motivation and Learning)

​बिना अभिप्रेरणा के सीखना वैसे ही है जैसे बिना पेट्रोल के गाड़ी चलाना।

6.1. आंतरिक प्रेरणा (Intrinsic Motivation)

  • स्रोत: अंदर से (जिज्ञासा, खुशी, रुचि)।
  • उदाहरण: एक बच्चा गिटार सीख रहा है क्योंकि उसे संगीत से प्यार है।
  • परिणाम: यह प्रेरणा लंबी चलती है और अधिगम गहरा होता है।

6.2. बाह्य प्रेरणा (Extrinsic Motivation)

  • स्रोत: बाहर से (इनाम, पैसा, सजा, पास होना)।
  • उदाहरण: बच्चा होमवर्क कर रहा है ताकि उसे चॉकलेट मिले।
  • समस्या: जिस दिन चॉकलेट मिलना बंद हो जाएगी, बच्चा काम करना बंद कर देगा।

शिक्षक क्या करें?

बच्चों को धीरे-धीरे बाह्य प्रेरणा से आंतरिक प्रेरणा की ओर ले जाएं। इनाम देने के बजाय, उनकी प्रशंसा करें और कार्य को ही इतना रोचक बना दें कि इनाम की जरूरत न पड़े।

7: अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक (Factors Affecting Learning)

​बच्चा क्यों फेल होता है? इसके पीछे कई कारक हो सकते हैं।

7.1. व्यक्तिगत कारक (Personal Factors – बच्चे से जुड़े)

  • आयु और परिपक्वता: क्या 5 साल के बच्चे को आप बीजगणित (Algebra) सिखा सकते हैं? नहीं, क्योंकि वह अभी मानसिक रूप से परिपक्व नहीं है।
  • रुचि और योग्यता: अगर बच्चे को स्पोर्ट्स पसंद है, तो वह गणित में कमजोर हो सकता है।
  • थकान और स्वास्थ्य: बीमार बच्चा नहीं सीख सकता।

7.2. पर्यावरणीय कारक (Environmental Factors – बाहर से जुड़े)

  • शिक्षक का व्यवहार: अगर शिक्षक कठोर है, तो बच्चे नहीं सीखेंगे।
  • कक्षा का माहौल: क्या कक्षा में शोर है? क्या रोशनी कम है?
  • टीएलएम (TLM): शिक्षण सहायक सामग्री (चार्ट, मॉडल) का प्रयोग न करना।

सारांश: CTET पास करने का ‘गोल्डन रूल’

​जब भी आप पेडागोजी का प्रश्न हल करें, तो इन 3 बातों का ध्यान रखें:

  1. बच्चा सर्वोपरि है (Child is Supreme): सिस्टम गलत हो सकता है, शिक्षक गलत हो सकता है, लेकिन बच्चा कभी गलत नहीं होता।
  2. सक्रिय भागीदारी (Active Participation): जिस विकल्प में बच्चा सक्रिय है (खेल रहा है, चर्चा कर रहा है, प्रयोग कर रहा है), वही उत्तर सही होगा।
  3. अवसर देना (Providing Opportunities): बच्चों को रटाने के बजाय ‘खोजने’ और ‘गलती करने’ के अवसर दें।

CTET पेडागोजी प्रैक्टिस सेट: अधिगम और शिक्षाशास्त्र

(Topic: बच्चे कैसे सीखते हैं, प्रेरणा, और शिक्षण विधियां)

Q1. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ‘सार्थक अधिगम’ (Meaningful Learning) को सबसे बेहतर परिभाषित करता है?

(A) शिक्षक द्वारा दी गई जानकारी को ज्यों का त्यों रट लेना।

(B) बच्चों द्वारा पुरस्कार के लिए कार्य करना।

(C) निजी अनुभवों से ज्ञान का सक्रिय निर्माण करना।

(D) बार-बार अभ्यास द्वारा व्यवहार में परिवर्तन लाना।

उत्तर: (C)

व्याख्या: सार्थक अधिगम तब होता है जब बच्चा सक्रिय होकर अपने पुराने अनुभवों को नए ज्ञान से जोड़ता है।

Q2. बच्चों में ‘भ्रांतियां’ (Misconceptions) होना:

(A) एक असाधारण घटना है।

(B) एक प्राकृतिक और सामान्य प्रक्रिया है।

(C) अधिगम में बहुत बड़ी बाधा है जिसे तुरंत हटाना चाहिए।

(D) बच्चों की कम बुद्धि का संकेत है।

उत्तर: (B)

व्याख्या: भ्रांतियां यह दिखाती हैं कि बच्चे सोच रहे हैं। यह सीखने की प्रक्रिया का एक प्राकृतिक हिस्सा है।

Q3. एक शिक्षिका अपने छात्रों को ‘आंतरिक रूप से प्रेरित’ (Intrinsically Motivated) कैसे रख सकती है?

(A) कक्षा में प्रथम आने वाले को टॉफी देकर।

(B) बच्चों में डर और चिंता पैदा करके।

(C) सीखने में होने वाली खुशी और जिज्ञासा को प्रोत्साहित करके।

(D) आसान कार्य देकर।

उत्तर: (C)

व्याख्या: जब बच्चा जिज्ञासा या खुशी के लिए सीखता है, तो वह आंतरिक प्रेरणा है। इनाम (टॉफी) बाहरी प्रेरणा है।

Q4. संज्ञान (Cognition) और संवेग (Emotion) के बारे में कौन-सा कथन सही है?

(A) संवेग संज्ञान को प्रभावित नहीं करते।

(B) तनाव का सीखने पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

(C) संज्ञान और संवेग एक-दूसरे में गुंथे हुए (Interwoven) हैं।

(D) संज्ञान पूरी तरह से आनुवंशिक है।

उत्तर: (C)

व्याख्या: हमारी भावनाएं (डर, खुशी) हमारे सोचने-समझने की क्षमता को सीधे प्रभावित करती हैं।

Q5. एक ‘समस्या समाधानकर्ता’ (Problem Solver) बच्चे की क्या पहचान है?

(A) वह समस्याओं से डरकर भाग जाता है।

(B) वह केवल एक ही रटे-रटाए तरीके का इस्तेमाल करता है।

(C) वह समस्या के कारणों को खोजने के लिए परिकल्पना (Hypothesis) बनाता है।

(D) वह शिक्षक पर पूरी तरह निर्भर रहता है।

उत्तर: (C)

व्याख्या: वैज्ञानिक अन्वेषक या समस्या समाधानकर्ता बच्चा कारणों की जांच करता है और अनुमान लगाता है।

Q6. सीखने को प्रभावित करने वाला ‘व्यक्तिगत कारक’ (Personal Factor) कौन-सा है?

(A) शिक्षण सामग्री

(B) स्कूल का वातावरण

(C) परिपक्वता और आयु (Maturation & Age)

(D) शिक्षक का व्यवहार

उत्तर: (C)

व्याख्या: परिपक्वता बच्चे के अंदर का कारक है, बाकी सब बाहरी (पर्यावरणीय) कारक हैं।

Q7. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के अनुसार, अधिगम अपने स्वभाव में _____ और _____ है।

(A) सक्रिय; सामाजिक

(B) निष्क्रिय; सरल

(C) निष्क्रिय; सामाजिक

(D) सक्रिय; एकांत

उत्तर: (A)

व्याख्या: NCF 2005 मानता है कि सीखना एक सक्रिय प्रक्रिया है जो समाज के साथ जुड़कर होती है।

Q8. बच्चों को कक्षा में प्रश्न पूछने के लिए:

(A) हतोत्साहित करना चाहिए।

(B) रोकना चाहिए।

(C) अनुमति नहीं देनी चाहिए।

(D) प्रेरित (Encourage) करना चाहिए।

उत्तर: (D)

व्याख्या: प्रश्न पूछना जिज्ञासा और सक्रियता की निशानी है।

Q9. ‘करके सीखना’ (Learning by Doing) क्यों महत्वपूर्ण है?

(A) इससे बच्चे अनुशासित रहते हैं।

(B) यह बच्चों को व्यस्त रखता है ताकि शिक्षक आराम कर सकें।

(C) इससे अर्थपूर्ण और स्थायी अधिगम होता है।

(D) यह सबसे सस्ता तरीका है।

उत्तर: (C)

व्याख्या: जब बच्चे खुद करते हैं, तो वे अवधारणा को गहराई से समझते हैं और कभी नहीं भूलते।

Q10. विद्यार्थियों की त्रुटियों (Errors) के बारे में शिक्षक का क्या दृष्टिकोण होना चाहिए?

(A) त्रुटियों को अनदेखा कर देना चाहिए।

(B) त्रुटियां अधिगम प्रक्रिया का अंग हैं और अंतर्दृष्टि देती हैं।

(C) त्रुटि करने वाले छात्रों को कक्षा से बाहर निकाल देना चाहिए।

(D) हर गलती के लिए दंड देना चाहिए।

उत्तर: (B)

व्याख्या: गलतियां शिक्षक को बताती हैं कि बच्चे के दिमाग में क्या चल रहा है।

Q11. निम्नलिखित में से कौन-सा कारक अधिगम में बाधक (Barrier) बन सकता है?

(A) पूर्व ज्ञान से जुड़ाव

(B) बहु-संवेदी शिक्षण सामग्री

(C) सीखा हुआ असहायपन (Learned Helplessness)

(D) सहयोगात्मक कार्य

उत्तर: (C)

व्याख्या: ‘सीखा हुआ असहायपन’ वह स्थिति है जब बच्चे को लगता है कि वह कुछ भी कर ले, सफल नहीं होगा। यह अधिगम को रोकता है।

Q12. ब्लूम की टैक्सोनॉमी (Bloom’s Taxonomy) के अनुसार, सीखने का सबसे उच्च स्तर कौन-सा है?

(A) याद करना (Remembering)

(B) समझना (Understanding)

(C) लागू करना (Applying)

(D) निर्माण करना / सृजन करना (Creating)

उत्तर: (D)

व्याख्या: नई चीज़ बनाना (Creating) सबसे ऊँचा स्तर है, जबकि रटना (Remembering) सबसे निचला।

Q13. एक रचनावादी कक्षा (Constructivist Classroom) में:

(A) पाठ्यपुस्तक ही ज्ञान का एकमात्र स्रोत होती है।

(B) छात्र निष्क्रिय श्रोता होते हैं।

(C) बैठने की व्यवस्था सख्त और फिक्स होती है।

(D) छात्र समूहों में चर्चा करते हैं और ज्ञान का निर्माण करते हैं।

उत्तर: (D)

व्याख्या: रचनावाद में सामाजिक अंतःक्रिया और लचीलापन मुख्य होता है।

Q14. जब शिक्षक एक विशेष संप्रदाय को पढ़ाने के लिए ‘उदाहरणों’ और ‘गै-उदाहरणों’ (Examples and Non-examples) दोनों का उपयोग करता है, तो यह:

(A) छात्रों को भ्रमित करता है।

(B) संप्रत्यय (Concept) की समझ को स्पष्ट करता है।

(C) समय की बर्बादी है।

(D) यह केवल उच्च कक्षाओं के लिए है।

उत्तर: (B)

व्याख्या: ‘क्या है’ (उदाहरण) और ‘क्या नहीं है’ (गैर-उदाहरण) दोनों बताने से कॉन्सेप्ट क्लियर होता है। (जैसे—पक्षी पढ़ाते समय कबूतर बताना और चमगादड़ को गैर-उदाहरण के रूप में बताना)।

Q15. विकास और अधिगम के बीच क्या संबंध है?

(A) अधिगम विकास से पूरी तरह स्वतंत्र है।

(B) विकास अधिगम की एक शर्त है (पियाजे के अनुसार)।

(C) अधिगम विकास से पीछे चलता है।

(D) दोनों का कोई संबंध नहीं।

उत्तर: (B)

व्याख्या: पियाजे मानते थे कि बच्चे का विकास (परिपक्वता) पहले होता है, उसके बाद ही वह सीख पाता है।

Q16. ‘ब्रेनस्टॉर्मिंग’ (Brainstorming) तकनीक का मुख्य उद्देश्य क्या है?

(A) बच्चों की याददाश्त परखना।

(B) बच्चों में अपसारी चिंतन (Creativity) और नए विचारों को पैदा करना।

(C) बच्चों को अनुशासित करना।

(D) पाठ का रिवीजन करना।

उत्तर: (B)

व्याख्या: ब्रेनस्टॉर्मिंग में बच्चों को किसी समस्या पर मुक्त रूप से विचार देने को कहा जाता है, जिससे रचनात्मकता बढ़ती है।

Q17. किस प्रकार की कक्षा में शिक्षक और छात्र दोनों सक्रिय रहते हैं?

(A) शिक्षक-केंद्रित कक्षा

(B) पाठ्यपुस्तक-केंद्रित कक्षा

(C) प्रगतिशील / बाल-केंद्रित कक्षा

(D) व्यवहारवादी कक्षा

उत्तर: (C)

व्याख्या: प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) में शिक्षक और छात्र दोनों मिलकर सीखते-सिखाते हैं।

Q18. प्रेरणा (Motivation) के चक्र का सही क्रम क्या है?

(A) आवश्यकता -> अंतर्नोद -> उत्तेजना -> लक्ष्य प्राप्ति

(B) उत्तेजना -> आवश्यकता -> लक्ष्य

(C) लक्ष्य -> आवश्यकता -> प्रेरणा

(D) आवश्यकता -> लक्ष्य -> दंड

उत्तर: (A)

व्याख्या: सबसे पहले ‘आवश्यकता’ (Need) होती है (जैसे भूख), फिर ‘अंतर्नोद’ (Drive) आता है, फिर कार्य करने की उत्तेजना, और अंत में लक्ष्य (भोजन) मिलता है।

Q19. यदि एक विद्यार्थी कक्षा में फेल हो जाता है, तो इसका क्या अर्थ है?

(A) बच्चा पढ़ाई के योग्य नहीं है।

(B) बच्चे को ट्यूशन की जरूरत है।

(C) व्यवस्था फेल हुई है।

(D) माता-पिता ने ध्यान नहीं दिया।

उत्तर: (C)

व्याख्या: CTET का मूल मंत्र है—बच्चा फेल नहीं होता, शिक्षण पद्धति या स्कूल व्यवस्था फेल होती है।

Q20. ‘सहपाठी शिक्षण’ (Peer Tutoring) का क्या लाभ है?

(A) शिक्षक का काम कम हो जाता है।

(B) बच्चों में हीन भावना आती है।

(C) बच्चों में सहयोग और सामाजिक कौशल का विकास होता है।

(D) कक्षा में शोर बढ़ता है।

उत्तर: (C)

व्याख्या: जब बच्चे एक-दूसरे को सिखाते हैं, तो उनकी समझ और सामाजिकता दोनों बढ़ती है।

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