BASIC-MR
(Behavioral Assessment scale for Indian children with Mental Retardation )
- बेसिक एम. आर. का विकास NIMH(NIEPID). सिंकंदराबाद की मैडम रीता पेशावरिया और एस. वेंकटेश के द्वारा किया गया है। ⇒ BASIC – MR का निर्माण 3-16वर्ष (या 18 वर्ष) आयु के विद्यालय जाने वाले बौद्धिक अक्षम बच्चों के , व्यवहार के वर्तमान स्तर को दर्शाने के लिए
- इस उपकरण का उपयोग समस्यात्मक व्यवहार का आकलन करने के लिए भी किया जा सकता है।
- इसके दो भाग है:
BASIC-MR: Part – A
BASIC-MR: Part- B
बेसिक एम०आर० भाग (A):-
इसमें कुल 07 कौशल क्षेत्र प्रत्येक कौशल क्षेत्र में 40 क्रियाएँ है कुल 280 क्रियाएं हैं।जो अवलोकन तथा मापन योग्य हैं जिन्हे सरल से जटिल के क्रम में रखा गया है।
1- गामक
2 – दैनिक जीवन के क्रियाकलाप
3- भाषा
4- पठन-लेखन
5 संख्या समय
6 घरेलू – सामाजिक
7- पूर्व व्यवसायिक – पैसा
मूल्यांकन :- प्रत्येक कौशल क्षेत्र में छात्रों के कार्य निष्पादन के 6 स्तरों के आधार पर अंक दिए जाते है जो इस प्रकार है-
स्तर एक : स्वावलंबी / आत्मनिर्भर – 5 अंक
स्तर दो : संकेत देने पर – 4 अंक
स्तर तीन :- शाब्दिक सहायता – 3 अंक
स्तर चार : शारीरिक सहायता – 2 अंक
स्तर पांच : पूर्णतया निर्भर – 1 अंक
स्तर छः – लागू नही – 0 अंक
(BASIC-MR-Part- A में छात्रों द्वारा अधिकतम 1400 अंक अर्जित किए जा सकते हैं।)
बेसिक एम. आर. भाग (B):-
इसके अंतर्गत समस्यात्मक व्यवहार को 10 समूहों में बाटा गया है। इसमें कुल 75 समस्यात्मक व्यवहार आते हैं। प्रत्येक समूह में समस्यात्मक व्यवहार की संख्या भिन्न है।
मापन :- बेसिक एम. आर. भाग (B) में समस्यात्मक व्यवहार को गंभीरता /आवृत्ति के आधार पर 3 स्तरों पर बाँटा गया है।
→ अगर बच्चे द्वारा समस्या व्यवहार कभी प्रदर्शित नहीं किया जाता तो ‘N’ (Never) दर्ज करें तथा 0 अंक दें।
→ अगर बच्चे द्वारा समस्या व्यवहार कभी-कभी, प्रदर्शित किया जाता तो ‘O’ (occsaionally) दर्ज करें तथा 1′ अंक दें।
→ अगर बच्चे द्वारा समस्या व्यवहार अक्सर या जल्दी- जल्दी प्रदर्शित किया जाता तो ‘F’ (Frequentally) दर्ज करें तथा 2 अंक दें।
बेसिक एम०आर – भाग ‘B’ में आवृत्ति के आधार पर अधिकतम 150 अंक दिए जा सकतें हैं।
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